बोकाखात बोरा गांव में निजर दिन : पूवति साहित्य सभा ने सेवा और सम्मान का दिया संदेश :

बोकाखात बोरा गांव में निजर दिन : पूवति साहित्य सभा ने सेवा और सम्मान का दिया संदेश :
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बोकाखात बोरा गांव में निजर दिन : पूवति साहित्य सभा ने सेवा और सम्मान का दिया संदेश :

Aiidesh News : 19 April-2026 :

कैलाश पटवारी : बोकाखात - 

बोहाग के प्रथम दिन के शुभ अवसर पर पूवति साहित्य सभा के तत्वावधान में बोरा गांववासियों की मेजबानी में असम साहित्य सभा का वार्षिक कार्यक्रम 'निजर दिन' आयोजित किया गया। यह आयोजन बोरागांव नामघर में सांस्कृतिक गरिमा के साथ संपन्न हुआ।  कार्यक्रम में पूवति साहित्य सभा के अध्यक्ष गोपिकानंद सइकिया, पूर्व अध्यक्ष मनोरंजन सेन, कल्पना चेतिया तथा बोरा गांव के वरिष्ठजन उपस्थित रहे। इसके बाद सभा की सचिव नमिता बोरा ने अतिथि सेवा का दायित्व निभाया।  इस अवसर पर बोरा गांव के 25 गणमान्य पुरुष-महिलाओं को उनकी सामाजिक सेवा और योगदान के लिए पूवति साहित्य सभा के कार्यकर्ताओं द्वारा सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में गोपिकानंद सइकिया, मनोरंजन सेन, सुवर्ण सइकिया बरदलै, आनिशुर रहमान और बिनोद कुमार मोर ने 'निजर दिन' के महत्व और इसके सांस्कृतिक संदेश पर प्रकाश डाला।  सम्मान ग्रहण करने वालों की ओर से वरिष्ठजन मुनीन बोरा और गर्ग काकोती ने अपने भाव व्यक्त किए। इस आयोजन में गांववासियों के साथ-साथ साहित्य सभा की ओर से गीतांजलि कलिता, मोनालिसा सइकिया, अनुराधा बरदलै, चंद्रप्रभा सइकिया डेका, शांति दत्त बरदलै, रीना सइकिया, हिम कर्मकार, आजीवन सदस्य बिकुल सइकिया, बोधेश्वरी बोरा, असीम बोरा, दिलीप थापा, सुमित्रा हजारिका, सखिना बेगम आदि उपस्थित रहे।  पूवति साहित्य सभा का यह आयोजन न केवल सांस्कृतिक परंपरा को जीवित रखने का प्रयास है, बल्कि समाज में सेवा और सम्मान की भावना को भी सुदृढ़ करता है।  

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